Saturday, January 5, 2019

बांसवाड़ा में आज से ‘अरथूना-माही महोत्सव’ की धूम

लोक उल्लास के बीच बिखरेंगे बहुरंगी संस्कृति के रंग  
बाँसवाड़ा, 6 जनवरी/ कला-संस्कृति और ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत के साथ नैसर्गिक सौंदर्यश्री को अपने आंचल में समाहित करने वाले बांसवाड़ा जिले को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए  जिला प्रशासन द्वारा 7 से 9 जनवरी, 2019 को अरथूना-माही महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। 
जिला कलक्टर आशीष गुप्ता ने बताया कि जनजाति क्षेत्रीय विकास, पर्यटन और वन विभाग के साथ-साथ गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय महोत्सव के ख्यातनाम शास्त्रीय और लोककलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से स्तरीय रंगारंग सांस्कृतिक आयोजन होंगे। इन महोत्सव  के भव्य व सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन और जिला पर्यटन उन्नयन समिति द्वारा तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। 
प्रदर्शनी से होगी महोत्सव की शुरूआत :
जिला कलक्टर गुप्ता ने बताया कि जिले की नैसर्गिंक संपदा, कला, संस्कृति के सौंदर्य को देश-दुनिया तक पहुंचाने की दृष्टि से पहली बार डिजीटल फोटो व विडियो प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी सूचना केन्द्र में सोमवार को शुरू होगी। प्रदेश के जनजाति क्षेत्रीय विकास (स्वतंत्र प्रभार), उद्योग एवं राजकीय उपक्रम विभाग के राज्यमंत्री श्री अर्जुनसिंह बामनिया के मुख्य आतिथ्य में इस प्रदर्शनी के शुभारंभ के साथ महोत्सव की शुरूआत होगी। प्रदर्शनी सुबह 11 बजे प्रारंभ होगी और इसमें युवा चित्रकार शिफा हुसैन की पेंिटंग्स के साथ फोटोग्राफर दिनेश जैन पालरेचा, कमलेश शर्मा, भरत कंसारा, हार्दिक लोढ़ा, यश सर्राफ और तृपल मेहता के द्वारा लिए गए जिले की नैसर्गिंक संपदा, प्राचीन शिल्पसौंदर्य और पर्यटन स्थलों के फोटोग्राफ्स को प्रदर्शित किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदर्शनी मंे 8 एलईडी टीवी और एक प्रोजेक्टर के माध्यम से जिले के सौंदर्य को प्रदर्शित करने वाले विडियो, डाक्यूमेंटरी-मैं बांसवाड़ा हूं, सतरंगी राजस्थान तथा जिले के पुरा वैभव को दर्शाने वाले विडियो को प्रदर्शित किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी तीन दिनों तक जनसामान्य के अवलोकन के लिए खुली रहेगी। 
पं. विश्व मोहन भट्ट देंगे ‘अरथूना महोत्सव’ में प्रस्तुति: 
कलक्टर गुप्ता ने बताया कि महोत्सव के तहत 7 जनवरी की शाम दसवीं शताब्दी के पुरातात्विक महत्ता वाले जिले के सबसे महत्त्वपूर्ण और प्राचीन स्थल अरथूना में शास्त्रीय गीत-संगीत व नृत्यों की प्रस्तुतियां दी जाएगी। यहां पर अन्तर्राष्ट्रीय ग्रेमी अवार्ड विजेता पद्म भूषण पं. विश्व मोहन भट्ट की मोहनवीणा पर प्रस्तुति जनाकर्षण का केन्द्र रहेगी। महोत्सव के दौरान अरथुना में रात्रि में कोणार्क फेस्टिवल की तर्ज पर प्राचीन मंदिरों पर विशेष रंगीन रोशनी की जाएगी तथा मंदिरों को आकर्षक तरीके से सजाया जाएगा। 
बर्डफेस्टिवल में नौनिहाल देखेंगे परिंदों की दुनिया :   
कलक्टर गुप्ता ने बताया कि 8 जनवरी को गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में कूपड़ा तालाब पर एक दिवसीय बांसवाड़ा बर्डफेस्टिवल का आयोजन होगा। बर्ड फेस्टिवल में देश-प्रदेश के बर्डवॉचर्स, बर्ड एक्सपर्ट्स के साथ शहर के समस्त निजी व सरकारी स्कूलों के लगभग 1 हजार विद्यार्थियों को बर्डवॉचिंग कराई जाएगी। इसमें क्विज एवं पेंटिंग प्रतियोगिता, फेस (टेटू) पेंटिंग, बर्ड्स की फोटो एवं स्टाम्प प्रदर्शनी के साथ तितलियों के जीवनचक्र की लाईव प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा।  
कागदी फेस्ट में लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां:
कलक्टर ने बताया कि शहरवासियों को स्थानीय नैसर्गिक संपदा और संस्कृति से जोड़ने की दृष्टि से कागदी पिक-अप-वियर पर पहली बार कागदी फेस्ट का आयोजन किया जा रहा है। इस बार फेस्टिवल के तहत 8 जनवरी की रात्रि इस आकर्षक उद्यान पर आकर्षक रोशनी की जाएगी तथा यहां पर मुक्ताकाशी रंगमंच स्थापित करते हुए लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। 
गेमन पर नौकायन प्रतियोगिता होगी:
कलक्टर ने बताया कि महोत्सव के तहत 9 जनवरी को गेमन पुल पर नौकायन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा इसमें नौकाओं को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा और सर्वश्रेष्ठ नौकाचालक तथा रंगारंग नौका को पुरस्कृत भी किया जाएगा।  
भव्य सांस्कृतिक निशा से होगा समापन: 
कलक्टर ने बताया कि अरथूना-माही महोत्सव का समापन कुशलबाग मैदान में 9 जनवरी की रात्रि को भव्य सांस्कृतिक निशा के माध्यम से होगा। इसमें देश-प्रदेश के ख्यातनाम लोक कलाकारों के साथ वागड़ में होली के प्रतिनिधि गैर नृत्य की प्रस्तुतियां लोगों का मन मोह लेंगी। इस आयोजन में रंगीन रोशनी विशेष आकर्षण का केन्द्र रहेगी।  

अरथूना-माही महोत्सव के रंग में रंगा बांसवाड़ा
बाँसवाड़ा, 6 जनवरी/ लोक-सांस्कृतिक रंगों से सराबोर ‘अरथूना-माही महोत्सव‘ की शुरूआत से पहले ही रविवार को बांसवाड़ा जिला महोत्सव के रंग में रंगा नज़र आ रहा है। जिला मुख्यालय सहित जिलेभर में हॉर्डिंग व पोस्टरों के साथ सोशल मीडिया के लिए जिला प्रशासन के विशेष दल द्वारा तैयार की जा रही सामग्री के प्रति लोगों का विशेष आकर्षण दिखाई दे रहा है। 
आकर्षक लोगो, बैगनी थीम का सम्मोहन:
महोत्सव के तहत नियुक्त किए गए तकनीकी दल द्वारा तैयार किए गए निमंत्रण पत्र, पोस्टर, बैनर, हॉर्डिंग्स और अन्य सामग्री पर आकर्षक लोगो के साथ बैगनी थीम लोगों को सम्मोहित कर रही है। टीम के नितीन समाधिया व रानी समाधिया द्वारा डिज़ाईन किए जा रही सामग्री में विशेष तौर पर बैगनी रंग को समाहित करते हुए महोत्सव का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। जिला मुख्यालय पर मातेश्वरी पब्लिकेशन के सौजन्य से स्थापित किए गए विशालकाय हॉर्डिंग्स जहां आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं वहंी पोस्टर और अन्य सामग्री भी जनाकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। 

बुलेट रैली ने किया उत्सवी माहौल का निर्माण
बाँसवाड़ा, 6 जनवरी/तीन दिवसीय भव्य अरथूना-माही महोत्सव से आमजन को जोड़ने तथा वातावरण निर्माण के लिए रविवार को शहर में बुलेट रैली आयोजित की गई।  
जिला कलक्टर आशीष गुप्ता ने रविवार शहर के भोजापालिया स्थित श्रीगढ़ पैलेस से महोत्सव का बैनर दिखाकर रैली का शुभारंभ किया। उन्होंने इस दौरान युवाओं से संवाद भी किया और कहा कि युवाओं के कांधों पर अपने जिले के गौरव को बढ़ाने और पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने का गुरूत्तर दायित्व है। उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित भी किया। इस दौरान पर्यटन उन्नयन समिति संरक्षक जगमालसिंह सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या मंे युवा और शहरवासी मौजूद थे। 
18 किलोमीटर का भ्रमण किया:
बुलेट रैली में शामिल युवाओं ने आकर्षक वेशभूषा में शहर में करीब 18 किलोमीटर का भ्रमण करते हुए वातावरण निर्माण किया। बुलेट रैली श्रीगढ़ पैलेस से रवाना होकर  सिंटेक्स गेट के सामने से खांदू कॉलोनी, बाहुबली कॉलोनी, कॉलेज रोड प्रताप सर्कल, हाउसिंग बोर्ड, गणेश दूध डेयरी, साजन-सजनी वाटिका मार्ग होते हुए रातीतलाई, उदयपुर रोड़, मोहन कॉलोनी, पोस्ट ऑफिस सर्कल, नई आबादी, पालारोड, पुलिस कन्ट्रोल रूम, कुशलबाग, गांधी मूर्ति, चंद्रपोल गेट, पीपली चौक, राम मंदिर, भोजापालिया, महालक्ष्मी चौक, सदर बाजार, आजाद चौक, सूरजपोल, वनेश्वर मंदिर होते हुए समाई माता पहाड़ी पर मंदिर पहुंची जहां पर मन्दिर में पूजा-अर्चना के साथ ही रैली का समापन हुआ।


















बर्ड फेस्टिवल साईट कूपड़ा तालाब का किया अवलोकन

बर्ड फेस्टिवल साईट कूपड़ा तालाब का किया अवलोकन
बांसवाड़ा, 4 जनवरी/ अरथूना-माही महोत्सव 2019 के तहत 8 जनवरी को कूपडा तालाब पर आयोजित होने वाले बर्ड फेयर महोत्सव की तैयारियों का शनिवार को पर्यटन उन्नयन समिति संरक्षक जगमाल सिंह ने बर्ड फेयर साईट का अवलोकन किया।
इस अवसर पर कूपडा ग्राम पंचायत के सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों ने समिति संरक्षक को बर्ड फेयर से सम्बन्धित गतिविधियों के लिए की जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने यहां पहुंचने वाले छात्र छात्राओं के लिए मार्ग निर्धारण के साथ ही बायनोकुलर्स के द्वारा पक्षी दर्शन कार्यक्रम को लेकर की जा रही तैयारियों का भी अवलोकन किया तथा विस्तृत दिशा निर्देश दिए। इस दौरान सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के उप निदेशक कमलेश शर्मा ने प्रदर्शनी के लिए स्थल निर्धारण एवं टेण्ट आदि की व्यवस्था को लेकर कूपड़ा सरपंच राजु डामोर एवं विक्रम मईड़ा, शांतिलाल निनामा से विचार विमर्श किया। इस दौरान राजेन्द्र जैन भी मौजुद थे।

कूपड़ा तालाब स्थित बांसवाड़ा बर्ड फेस्टिवल साईट का अवलोकरन करते पर्यटन उन्नयन समिति सदस्य एवं कूपड़ा सरंपच व अन्य।

एक साथ एक हजार से अधिक बच्चे देखेंगे परिंदों की रंगीन दुनिया

बांसवाड़ा बर्ड फेस्टिवल
बांसवाड़ा, 4 जनवरी/ जिला प्रशासन की पहल पर 8 जनवरी को आयोजित होने वाले ‘बांसवाड़ा बर्ड फेस्टिवल’ का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। इस फेस्टिवल के तहत देश-प्रदेश के पक्षीविशेषज्ञों व पर्यावरणप्रेमियों की मौजूदगी में पर्यावरणीय विषयों पर चर्चा के साथ ही विश्व की सबसे तीव्र गति से बढ़ने वाली ‘बर्ड वॉचिंग’ की नई हॉबी से भावी पीढ़ी को साक्षात् करवाने का प्रयास किया जाएगा।   
एक्सपर्ट्स दिखाएंगे परिंदों की रंगीन दुनिया: 
जिला कलक्टर आशीष गुप्ता ने बताया कि इस आयोजन के तहत विद्यार्थियों और आम जनों को परिंदों की रंगीन दुनिया को दिखाया जाएगा। उन्हांेंने बताया कि 8 जनवरी को सुबह 8 से 12 बजे तक विद्यार्थियों के लिए पक्षी दर्शन कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसमें जिला मुख्यालय व आसपास के 21 चुनिंदा स्कूलों से कक्षा 9 से 11 तक की कक्षा के लगभग 1000 विद्यार्थियों को कूपड़ा  तालाब में जलक्रीड़ा करने वाले स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों को दिखाया जाएगा। इस कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से बायनाकूलर्स और स्पोटिंग स्कॉप मंगवाएं गए हैं जिनके माध्यम से विशेषज्ञ विद्यार्थियों को रंग-बिरंगे पक्षियों और उनकी जलक्रीड़ाओं को दिखाते हुए उनकी विशेषताओं के बारे में बताएंगे। इस मौके पर यहां पर एक फोटो प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी जिसमें जिले में पाए जाने वाले पक्षियों के बारे में बताया जाएगा। इस दौरान पहुंचने वाले शहरवासियों व ग्रामीणों को भी पक्षी विशेषज्ञों के सहयोग से बर्डवॉचिंग करवाई जाएगी। 
प्रतियोगिता और फेस पेंटिंग का रहेगा आकर्षण:  
बर्ड फेस्टिवल संयोजक व उप निदेशक (जनसंपर्क) कमलेश शर्मा ने बताया कि बर्डवॉचिंग स्थल पर ही पक्षियों से संबंधित क्विज और पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों की सूची शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि टेटू के प्रति बच्चों के आकर्षण को देखते हुए बर्डफेयर के तहत बच्चों के चेहरों पर पक्षियों के टेटू उकेरते हुए फेस पेंटिंग एक्टिविटी भी करवाई जाएगी। इसके लिए उदयपुर से टेटू आर्टिस्ट निर्मल यादव व अन्य एक्सपर्ट का एक दल 7 जनवरी की शाम को बांसवाड़ा पहुंचेगा। 
डाक टिकटों पर दिखेगा परिंदों का संसार:   
प्रदर्शनी स्थल पर विश्वभर में पक्षियों पर जारी किए गए डाक टिकटों की विशाल प्रदर्शनी भी विशेष आकर्षण का केन्द्र रहेगी। इस प्रदर्शनी के तहत उदयपुर की डाक टिकट संग्रहकर्त्ता पुष्पा खमेसरा द्वारा भारत सहित विश्व के 249 से अधिक देशों द्वारा जारी किए गए 5000 से अधिक डाक टिकटों को प्रदर्शित किया जाएगा। इन डाक टिकटों मंे विश्व में सबसे पहले पश्चिमी आस्ट्रेलिया में 1871 में स्वान पर जारी किया गया डाक टिकट भी प्रदर्शित किया जाएगा।      
तितलियों के जीवनचक्र का होगा जीवंत प्रदर्शन:
प्रदर्शनी में पहली बार चार तितलियों के जीवनचक्र का लाईव प्रदर्शन भी किया जाएगा। इसमें तितलियों पर शोध कर रहे डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा कस्बे के तितली विशेषज्ञ मुकेश पंवार द्वारा तितलियों के जीवनचक्र के फोटोग्राफ्स के साथ होस्ट प्लांट पर अण्डे, लार्वा व प्यूपा का लाईव प्रदर्शन किया जाएगा तथा तितलियों के जीवनचक्र के बारे में जानकारी दी जाएगी।  
कई एक्सपर्ट्स की मिली सहमति: 
बर्डफेस्टिवल में बतौर एक्सपर्ट्स प्रदेशभर के बर्डएक्सपर्ट्स के पहुंचने की सहमति प्राप्त हुई है। संयोजक शर्मा ने बताया कि बर्डफेस्टिवल में रिटायर्ड आईएएस व वाईल्ड लाईफ विशेषज्ञ विक्रमसिंह, राजपूताना सोसायटी ऑफ नेचुरल हिस्ट्री भरतपुर के डॉ. एसपी मेहरा व डॉ. सरीता मेहरा, अजमेर से डॉ. विवेक शर्मा, समाराम देवासी व अभिनव मिश्रा, जयपुर से सुमित बेरी, पुलकित टांक व प्रकाश विजय, कपासन से उज्जवल दाधिच, उदयपुर से प्रीति मुर्डिया, विनय दवे, प्रदीप सुखवाल, उत्तम पेगु, विजेन्द्र परमार, जीके तिवारी सहित कई विशेषज्ञों ने पहुंचने के लिए सहमति प्रेषित की है। 





Thursday, January 3, 2019

अरथूना-माही महोत्सव : अंतर्राष्ट्रीय कलाकार पं. विश्व मोहन भट्ट की होंगी प्रस्तुति

मोहन वीणा के सुरों से सजेगी अरथूना की शास्त्रीय संगीत निशा
बाँसवाड़ा, 3 जनवरी/ कला-संस्कृति और ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत के साथ नैसर्गिक सौंदर्यश्री को अपने आंचल में समाहित करने वाले बांसवाड़ा जिले को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए 7 से 9 जनवरी, 2019 तक आयोजित होने वाले अरथूना-माही महोत्सव के अरथूना में होने वाले रंगारंग आगाज में अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कलाकार व विश्व के सबसे बड़े ग्रेमी अवार्ड से सम्मानित पद्मभूषण पं. विश्व मोहन भट्ट शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति देंगे।  
जिला कलक्टर आशीष गुप्ता ने बताया कि जिले में खजुराहो के समकालीन और दसवीं शताब्दी के पुरातात्विक महत्ता वाले अरथूना मंदिर समूह की विलक्षणता को देश-दुनिया तक पहुंचाने की दृष्टि से अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कलाकार ग्रेमी अवार्ड विजेता पद्मभूषण पं. विश्वमोहन भट्ट को आमंत्रित किया गया है। विश्वविख्यात ग्रेमी अवार्ड से सम्मानित पं. भट्ट 7 जनवरी को शाम 6 बजे आयोजित होने वाली रंगारंग शास्त्रीय संगीत निशा में तंत्री सम्राट पं. सलिल भट्ट के साथ अपनी प्रस्तुतियां देंगे। उनके साथ हिमांशु महंत तबले पर संगत करेंगे। उन्होंने बताया कि पं. भट्ट को सुनने के लिए न सिर्फ जिले अपितु दूर-दराज से संगीत रसिकों के पहुंचने की संभावनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां आरंभ कर दी हैं।  
मोहन वीणा के जनक हैं पंडित विश्व मोहन भट्ट 
भारतीय शास्त्रीय संगीत और संगीतकारों की विश्व-पटल पर विशिष्ट पहचान बनाने में जिन संगीतकारों का सबसे बड़ा योगदान है उनमें पद्म भूषण एवं पद्म श्री पंडित विश्व मोहन भट्ट का नाम विशेष महत्त्व रखता है। 
पंडित विश्व मोहन भट्ट भारतीय संगीत की प्रमुख हस्तियों में से एक हैं।  ये पंडित रविशंकर के शिष्यों में से एक हैं। ये मोहन वीणा के जनक हैं। इन्हें वर्ष 1994 में विश्वप्रसिद्ध ग्रेमी अवार्ड से, 2002 में पद्मश्री सम्मान, वर्ष 2012 में राजस्थान रत्न तथा वर्ष 2015 में तानसेन सम्मान से विभूषित किया गया है। वर्ष 2017 में इन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मभूषण से सम्मानित किया गया है। इसके साथ-साथ पं. भट्ट को संगीत नाटक अकादमी, म्यूजिक साइंटिस्ट, तंत्री सम्राट एवं दो बार ग्लोबल म्युजिक अवार्ड के अलावा अन्य कई सम्मानों से नवाजा गया है। रशिया की प्रतिष्ठित सेंट पीटरबर्ग यूनिवर्सिटी ने आपको आनरेरी डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की है। उन्होंने ना केवल भारतीय शास्त्रीय संगीत को व्यापकता दी है बल्कि मोहन-वीणा के रूप में भारतीय एवं पश्चिमी शास्त्रीय संगीत के अनूठे सम्मिश्रण की संभावना को जन्म दिया है। 
मात्र सत्रह वर्ष की उम्र में मोहन वीणा को जन्म दिया:    
पंडित विश्व मोहन भट्ट का जन्म 1950 में जयपुर के उस परिवार में हुआ है जहाँ लगभग 300 वर्षों से संगीत की सेवा और साधना को ही धर्म और कर्म माना जाता है। संगीत उन्हें वंशानुगत और वातावरण में मिला है इसलिए संगीत की तरफ नैसर्गिक रुझान स्वाभाविक था लेकिन उनकी अपनी विलक्षण प्रतिभा का प्रमाण इस बात से लगाया जा सकता है कि 1960-70 के दशक में जब भारत का युवा वर्ग पाश्चात्य संगीत का अनुसरण कर रहा था तब गिटार जैसे पश्चिमी वाद्य का शास्त्रीयकरण करके विश्व मोहन ने विश्व को मोहन-वीणा जैसा अनुपम वाद्य भेंट कर दिया। उस समय उनकी उम्र मात्र सत्रह वर्ष थी।
इस अद्भुत वाद्य कि विशेषता ये है कि इसमें तंत्रकारी और गायन दोनों अंगो का समावेश है। विगत 50 वर्षों से देश-विदेशों में होने वाले लगभग सभी बड़े संगीत समारोहों में उन्हें आमंत्रित किया जाता है एवं विशेष सम्मान दिया जाता है। इन्होंने 80 से अधिक देशों में अपने कार्यक्रम प्रस्तुत किये हैं। 
बुलेट रैली से होगा अरथूना-माही महोत्सव का वातावरण निर्माण
तीन दिवसीय भव्य अरथूना-माही महोत्सव से आमजन को जोड़ने तथा वातावरण निर्माण के लिए 6 जनवरी को बुलेट रैली आयोजित की जाएगी। यह रैली रविवार सुबह 9 बजे शहर के भोजापालिया स्थित श्रीपैलेस के नज़रबाग मैदान से प्रारंभ होगी।   
शहर में 18 किलोमीटर घुमेगी बुलेट रैली
बुलेट रैली शुभारम्भ के बाद सिंटेक्स गेट के सामने से खांदू कॉलोनी, बाहुबली कॉलोनी, कॉलेज रोड प्रताप सर्कल, हाउसिंग बोर्ड, गणेश दूध डेयरी, साजन-सजनी वाटिका मार्ग होते हुए रातीतलाई, उदयपुर रोड़, मोहन कॉलोनी, पोस्ट ऑफिस सर्कल, नई आबादी, पालारोड, पुलिस कन्ट्रोल रूम, कुशलबाग, गांधी मूर्ति, चंद्रपोल गेट, पीपली चौक, राम मंदिर, भोजापालिया, महालक्ष्मी चौक, सदर बाजार, आजाद चौक, सूरजपोल, वनेश्वर मंदिर होते हुए समाई माता पहाड़ी पर मंदिर पहुंचेगी। समाई माता मन्दिर में पूजा-अर्चना के साथ ही रैली का समापन होगा। 50 से अधिक बाईकर्स होंगे शामिल
बुलेट रैली में 50 से अधिक बाईकर्स शामिल होंगे। रैली में भाग लेने के लिए प्रतिभागियों का रजिस्ट्रेशन किया गया है। जिसमें अभी तक 30 से अधिक बाईकर्स ने अपनी सहमति दी है। प्रशासन की ओर से निर्धारित सीमा तक ही बाईकर्स रैली में भाग ले सकेंगे। 
व्यवस्थाओं के लिए प्रभारी अधिकारी नियुक्त
जिले को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए आयोजित हो रहे तीन दिवसीय अरथूना-माही महोत्सव को सफल बनाने के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं के लिए प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए गए है। 
जिला कलक्टर आशीष गुप्ता ने बताया कि संपूर्ण महोत्सव के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर हिम्मतसिंह बारहठ को नोडल अधिकारी बनाया गया है वहीं 6 जनवरी को होने वाली बाईक रैली के लिए प्रभारी यातायात पुलिस शहर बांसवाड़ा व जिला परिवहन अधिकारी बांसवाड़ा को प्रभारी बनाया गया है। इसी तरह 7 जनवरी को सूचना केन्द्र में आयोजित होने वाली प्रदर्शनी के लिए उपनिदेशक (जनसम्पर्क) व अरथूना मन्दिर परिसर में आयोजित होने वाली क्लासिकल नाईट के लिए गढ़ी व अरथूना विकास अधिकारी एवं पर्यटन अधिकारी को, 8 जनवरी को कूपड़ा तालाब पर पक्षी दर्शन के लिए उप वन संरक्षक, गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलसचिव व उपनिदेशक (जनसम्पर्क) को प्रभारी बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि 8 जनवरी शाम कागदी पिक-अप-वियर पर आयोजित होने वाले कागदी फेस्ट एवं संगीत संध्या के लिए बांसवाड़ा उपखण्ड अधिकारी को प्रभारी तथा माही के अधीक्षण अभियंता व जिला पर्यटन अधिकारी को सहायक प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा 9 जनवरी को महाराणा प्रताप सेतु (गेमन पुल) पर आयोजित बोट रेस के लिए छोटी सरवन विकास अधिकारी को प्रभारी एवं माही के अधीक्षण अभियंता, छोटीसरवन तहसीलदार, जिला पर्यटन अधिकारी, मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक को सहायक प्रभारी नियुक्त करते हुए संबंधित व्यवस्थओं के लिए तैयारियां प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। 

अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त संगीतकार पं.विश्वमोहन भट्ट
जो 7 जनवरी को अरथूना में प्रस्तुति देंगे।








Wednesday, January 2, 2019

अरथूना-माही महोत्सव की तैयारी बैठक संपन्न


कलक्टर ने अधिकारियों को दिए पुख्ता तैयारियों के निर्देश
बाँसवाड़ा, 2 जनवरी/ कला-संस्कृति और ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत के साथ नैसर्गिक सौंदर्यश्री को अपने आंचल में समाहित करने वाले बांसवाड़ा जिले को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए 7 से 9 जनवरी, 2019 तक आयोजित होने वाले अरथूना-माही महोत्सव की तैयारियों के संबंध में जिला कलक्टर आशीष गुप्ता ने जिले के प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों की बैठक ली और समन्वय स्थापित कर पुख्ता तैयारियों के निर्देश दिए। 
कलक्टर ने जिले की समृद्ध प्राकृतिक संपदा और विरासत को बेमिसाल बताया तथा कहा कि इसके पर्यटन दृष्टि से विकास की जरूरत है, ऐसे में अरथूना-माही महोत्सव इस विरासत को प्रमोशन देने का सशक्त माध्यम बने, इसके लिए प्रभावी प्रयास किए जावें। कलक्टर ने समस्त विभागीय अधिकारियों को दिए गए दायित्वों को पूरी गंभीरता से पूर्ण करने और इस आयोजन को सफल बनाने के लिए भी निर्देश दिए। 
जिला पर्यटन उन्नयन समिति के संरक्षक जगमालसिंह ने तीन दिवसीय विविध आयोजनों के बारे में जानकारी दी। समिति सदस्य शैलेन्द्र भट्ट ने महोत्सव के प्रमोशन के लिए एलईडी वेन तथा एलईडी विडियो वॉल का उपयोग करने का सुझाव दिया। बैठक में जिला परिषद के सीईओ डॉ. भंवरलाल, उप वन संरक्षक सुगनाराम जाट, उपखण्ड अधिकारी सुश्री पूजा पार्थ, जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलसचिव सोहनसिंह, माही एसई जितेन्द्र वर्मा, जिला परिवहन अधिकारी अभय मुद्गल, सहकारी बैक के एमडी अनिमेश पुरोहित, प्रहलाद शर्मा,सज्जनसिंह राठौड़ सहित समस्त संबंधित विभागीय अधिकारी व जिला पर्यटन उन्नयन समिति सदस्य मौजूद थे
एडीएम बारहठ को बनाया महोत्सव प्रभारी:
कलक्टर ने तीन दिवसीय महोत्सव के सफल आयोजन के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर हिम्मतसिंह बारहठ को प्रभारी अधिकारी नियुक्त करते हुए समस्त विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा। इस दौरान कलक्टर गुप्ताने 6 जनवरी की वातावरण निर्माण के लिए आयोजित बाईक रैली के रूट चार्ट की जानकारी लेते हुए इसमें ट्राफिक व्यवस्था की दृष्टि से पुलिस व परिवहन विभाग को व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने 8 जनवरी को कूपड़ा तालाब पर आयोजित होने वाले एक दिवसीय बांसवाड़ा बर्डफेस्टिवल के तहत लगाई जाने वाली प्रदर्शनी व बर्डवॉचिंग के लिए सफाई करवाने के लिए ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी को पाबंद किया। इसी प्रकार बर्डफेस्टिवल में एक हजार बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए।   
अरथूना के लिए लगेंगी दो बसें:
बैठक में कलक्टर गुप्ता ने 7 जनवरी की शाम दसवीं शताब्दी के पुरातात्विक महत्ता वाले स्थल अरथूना में आयोजित होने वाली शास्त्रीय संगीत निशा में जिला मुख्यालय के लोगों को जोड़ने की दृष्टि से पहल करते हुए शहर के लोगों को अरथूना पहुंचाने के लिए भामाशाहों के सहयोग से दो बसें लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस व्यवस्था के लिए शताब्दी वेलफेयर सोसायटी के मुजफ्फर अली को दायित्व भी दिया।  
शहर की शान कागदी पिक-अप-वियर पर होगी रोशनी:
कलक्टर ने शहरवासियों को स्थानीय नैसर्गिक संपदा और संस्कृति से जोड़ने की दृष्टि से कागदी पिक-अप-वियर का प्रमोशन करने की दृष्टि से 8 जनवरी की रात्रि होने वाले कागदी फेस्ट के तहत उद्यान पर आकर्षक रोशनी करने तथा यहां मुक्ताकाशी रंगमंच पर राजस्थानी लोक कलाकारों की प्रस्तुतियांे के निर्देश दिए। कलक्टर ने यहां सफाई करवाने, पार्किंग व्यवस्था के साथ ही अशोक स्तंभ पर सफेदी करवाने के लिए माही विभाग को निर्देश दिए।  
नौकायन स्पर्धा को रंगारंग करने के निर्देश:
कलक्टर ने 9 जनवरी को गेमन पुल पर होने वाली नौकायन स्पर्धा को रंगारंग आयोजित करने की दृष्टि से नौकाओं को आकर्षक ढंग से सजाने व सर्वश्रेष्ठ नौकाचालक तथा रंगारंग नौका को पुरस्कृत करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने यहां पर विविध व्यवस्थाओं के लिए छोटी सरवन के विकास अधिकारी, तहसीलदार के साथ मत्स्य व माही विभाग के अधिकारियों को प्रभारी नियुक्त किया। 
कुशलबाग की सांस्कृतिक निशा में होंगे लोकनृत्य: 
कलक्टर ने बताया कि अरथूना-माही महोत्सव का समापन कुशलबाग मैदान में 9 जनवरी की रात्रि को भव्य सांस्कृतिक निशा के माध्यम से होगा। उन्होंने इस आयोजन के लिए जिला परिषद सीईओ डॉं.भंवरलाल को प्रभारी नियुक्त करते हुए पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के लोक कलाकारों की व्यवस्थाओं के लिए पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए। 
अरथूना-माही फेस्टिवल की तैयारी बैठक को संबोधित करते जिला कलक्टर आशीष गुप्ता व मौजूद अधिकारी।








Tuesday, January 1, 2019

बांसवाड़ा में अरथूना-माही महोत्सव की धूम 7 जनवरी से

तीन दिनों तक बिखरेंगे लोक संस्कृति के रंग  

बाँसवाड़ा, 1 जनवरी/ कला-संस्कृति और ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत के साथ नैसर्गिक सौंदर्यश्री को अपने आंचल में समाहित करने वाले बांसवाड़ा जिले को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए आगामी 7 से 9 जनवरी, 2019 को अरथूना-माही महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। 
जिला कलक्टर आशीष गुप्ता ने बताया कि जनजाति क्षेत्रीय विकास, पर्यटन और वन विभाग के साथ-साथ गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय महोत्सव के ख्यातनाम शास्त्रीय और लोककलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से स्तरीय रंगारंग सांस्कृतिक आयोजन होंगे। इन महोत्सव  के भव्य व सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन और जिला पर्यटन उन्नयन समिति द्वारा तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं और संबंधित विभागों को इसके लिए अपेक्षित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। 
राज्यमंत्री बामनिया 7 जनवरी को करेंगे रंगारंग शुरूआत: 
जिला कलक्टर गुप्ता ने बताया कि जिले की नैसर्गिंक संपदा, कला, संस्कृति के सौंदर्य को देश-दुनिया तक पहुंचाने की दृष्टि से पहली बार डिजीटल फोटो व विडियो प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी सूचना केन्द्र में 7 जनवरी को शुरू होगी। प्रदेश के जनजाति क्षेत्रीय विकास (स्वतंत्र प्रभार), उद्योग एवं राजकीय उपक्रम विभाग के राज्यमंत्री श्री अर्जुनसिंह बामनिया के मुख्य आतिथ्य में इस प्रदर्शनी के शुभारंभ के साथ महोत्सव की शुरूआत होगी। प्रदर्शनी सुबह 11 बजे प्रारंभ होगी और इसमें जिले की नैसर्गिंक संपदा, प्राचीन शिल्पसौंदर्य और पर्यटन स्थलों के फोटो-विडियो को एलईडी टीवी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी तीन दिनों तक जनसामान्य के अवलोकन के लिए खुली रहेगी। 
कोणार्क फेस्टिवल की तर्ज पर होगा ‘अरथूना महोत्सव’: 
कलक्टर गुप्ता ने बताया कि महोत्सव के तहत 7 जनवरी की शाम दसवीं शताब्दी के पुरातात्विक महत्ता वाले जिले के सबसे महत्त्वपूर्ण और प्राचीन स्थल अरथूना में शास्त्रीय गीत-संगीत व नृत्यों की प्रस्तुतियां दी जाएगी। महोत्सव के दौरान अरथुना में रात्रि में कोणार्क फेस्टिवल की तर्ज पर प्राचीन मंदिरों पर विशेष रंगीन रोशनी की जाएगी तथा मंदिरों को आकर्षक तरीके से सजाया जाएगा। इन मंदिरों के आगे आकर्षक शास्त्रीय संगीत व नृत्यों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी, इसके लिए देश के ख्यातनाम शास्त्रीय कलाकारों से संपर्क किया जा रहा है।  
जीजीटीयू करवाएगा बांसवाड़ा बर्डफेस्टिवल:   
कलक्टर गुप्ता ने बताया कि 8 जनवरी को कूपड़ा तालाब पर आयोजित होने वाले एक दिवसीय बांसवाड़ा बर्डफेस्टिवल के आयोजन की जिम्मेदारी गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय को दी गई है। बर्ड फेस्टिवल के आयोजन में देश-प्रदेश के बर्डवॉचर्स, बर्ड एक्सपर्ट्स के साथ शहर के समस्त निजी व सरकारी स्कूलों के लगभग 1 हजार विद्यार्थियों को बर्डवॉचिंग कराई जाएगी। इस मौके पर पूर्व की भांति क्विज एवं पेंटिंग प्रतियोगिता, फेस (टेटू) पेंटिंग, बर्ड्स की फोटो एवं स्टाम्प प्रदर्शनी के साथ तितलियों के जीवनचक्र की लाईव प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा।  
कागदी पिक-अप-वियर का होगा प्रमोशन: 
कलक्टर ने बताया कि शहरवासियों को स्थानीय नैसर्गिक संपदा और संस्कृति से जोड़ने की दृष्टि से कागदी पिक-अप-वियर का प्रमोशन किया जा रहा है। इस बार फेस्टिवल के तहत 8 जनवरी की रात्रि इस आकर्षक उद्यान पर आकर्षक रोशनी की जाएगी तथा यहां पर मुक्ताकाशी रंगमंच स्थापित करते हुए लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। 
ये आयोजन भी होंगे: 
कलक्टर ने बताया कि महोत्सव के प्रति वातावरण निर्माण के लिए 6 जनवरी को शहर में एक बाईक रैली का आयोजन किया जाएगा वहीं 9 जनवरी को गेमन पुल पर नौकायन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा इसमें नौकाओं को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा और सर्वश्रेष्ठ नोकाचालक तथा रंगारंग नौका को पुरस्कृत भी किया जाएगा।  
भव्य सांस्कृतिक निशा से होगा समापन: 
कलक्टर ने बताया कि अरथूना-माही महोत्सव का समापन कुशलबाग मैदान में 9 जनवरी की रात्रि को भव्य सांस्कृतिक निशा के माध्यम से होगा। इसमें देश-प्रदेश के ख्यातनाम लोक कलाकारों के साथ वागड़ में होली के प्रतिनिधि गैर नृत्य की प्रस्तुतियां लोगों का मन मोह लेंगी। इस आयोजन में रंगीन रोशनी विशेष आकर्षण का केन्द्र रहेगी। इस समस्त आयोजनों के लिए कलक्टर ने 2 जनवरी को जिले के संबंधित विभागीय अधिकारियों की बैठक आहूत की है। 
अरथूना-माही फेस्टिवल का लोगो