Thursday, January 3, 2019

अरथूना-माही महोत्सव : अंतर्राष्ट्रीय कलाकार पं. विश्व मोहन भट्ट की होंगी प्रस्तुति

मोहन वीणा के सुरों से सजेगी अरथूना की शास्त्रीय संगीत निशा
बाँसवाड़ा, 3 जनवरी/ कला-संस्कृति और ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत के साथ नैसर्गिक सौंदर्यश्री को अपने आंचल में समाहित करने वाले बांसवाड़ा जिले को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए 7 से 9 जनवरी, 2019 तक आयोजित होने वाले अरथूना-माही महोत्सव के अरथूना में होने वाले रंगारंग आगाज में अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कलाकार व विश्व के सबसे बड़े ग्रेमी अवार्ड से सम्मानित पद्मभूषण पं. विश्व मोहन भट्ट शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति देंगे।  
जिला कलक्टर आशीष गुप्ता ने बताया कि जिले में खजुराहो के समकालीन और दसवीं शताब्दी के पुरातात्विक महत्ता वाले अरथूना मंदिर समूह की विलक्षणता को देश-दुनिया तक पहुंचाने की दृष्टि से अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कलाकार ग्रेमी अवार्ड विजेता पद्मभूषण पं. विश्वमोहन भट्ट को आमंत्रित किया गया है। विश्वविख्यात ग्रेमी अवार्ड से सम्मानित पं. भट्ट 7 जनवरी को शाम 6 बजे आयोजित होने वाली रंगारंग शास्त्रीय संगीत निशा में तंत्री सम्राट पं. सलिल भट्ट के साथ अपनी प्रस्तुतियां देंगे। उनके साथ हिमांशु महंत तबले पर संगत करेंगे। उन्होंने बताया कि पं. भट्ट को सुनने के लिए न सिर्फ जिले अपितु दूर-दराज से संगीत रसिकों के पहुंचने की संभावनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां आरंभ कर दी हैं।  
मोहन वीणा के जनक हैं पंडित विश्व मोहन भट्ट 
भारतीय शास्त्रीय संगीत और संगीतकारों की विश्व-पटल पर विशिष्ट पहचान बनाने में जिन संगीतकारों का सबसे बड़ा योगदान है उनमें पद्म भूषण एवं पद्म श्री पंडित विश्व मोहन भट्ट का नाम विशेष महत्त्व रखता है। 
पंडित विश्व मोहन भट्ट भारतीय संगीत की प्रमुख हस्तियों में से एक हैं।  ये पंडित रविशंकर के शिष्यों में से एक हैं। ये मोहन वीणा के जनक हैं। इन्हें वर्ष 1994 में विश्वप्रसिद्ध ग्रेमी अवार्ड से, 2002 में पद्मश्री सम्मान, वर्ष 2012 में राजस्थान रत्न तथा वर्ष 2015 में तानसेन सम्मान से विभूषित किया गया है। वर्ष 2017 में इन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मभूषण से सम्मानित किया गया है। इसके साथ-साथ पं. भट्ट को संगीत नाटक अकादमी, म्यूजिक साइंटिस्ट, तंत्री सम्राट एवं दो बार ग्लोबल म्युजिक अवार्ड के अलावा अन्य कई सम्मानों से नवाजा गया है। रशिया की प्रतिष्ठित सेंट पीटरबर्ग यूनिवर्सिटी ने आपको आनरेरी डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की है। उन्होंने ना केवल भारतीय शास्त्रीय संगीत को व्यापकता दी है बल्कि मोहन-वीणा के रूप में भारतीय एवं पश्चिमी शास्त्रीय संगीत के अनूठे सम्मिश्रण की संभावना को जन्म दिया है। 
मात्र सत्रह वर्ष की उम्र में मोहन वीणा को जन्म दिया:    
पंडित विश्व मोहन भट्ट का जन्म 1950 में जयपुर के उस परिवार में हुआ है जहाँ लगभग 300 वर्षों से संगीत की सेवा और साधना को ही धर्म और कर्म माना जाता है। संगीत उन्हें वंशानुगत और वातावरण में मिला है इसलिए संगीत की तरफ नैसर्गिक रुझान स्वाभाविक था लेकिन उनकी अपनी विलक्षण प्रतिभा का प्रमाण इस बात से लगाया जा सकता है कि 1960-70 के दशक में जब भारत का युवा वर्ग पाश्चात्य संगीत का अनुसरण कर रहा था तब गिटार जैसे पश्चिमी वाद्य का शास्त्रीयकरण करके विश्व मोहन ने विश्व को मोहन-वीणा जैसा अनुपम वाद्य भेंट कर दिया। उस समय उनकी उम्र मात्र सत्रह वर्ष थी।
इस अद्भुत वाद्य कि विशेषता ये है कि इसमें तंत्रकारी और गायन दोनों अंगो का समावेश है। विगत 50 वर्षों से देश-विदेशों में होने वाले लगभग सभी बड़े संगीत समारोहों में उन्हें आमंत्रित किया जाता है एवं विशेष सम्मान दिया जाता है। इन्होंने 80 से अधिक देशों में अपने कार्यक्रम प्रस्तुत किये हैं। 
बुलेट रैली से होगा अरथूना-माही महोत्सव का वातावरण निर्माण
तीन दिवसीय भव्य अरथूना-माही महोत्सव से आमजन को जोड़ने तथा वातावरण निर्माण के लिए 6 जनवरी को बुलेट रैली आयोजित की जाएगी। यह रैली रविवार सुबह 9 बजे शहर के भोजापालिया स्थित श्रीपैलेस के नज़रबाग मैदान से प्रारंभ होगी।   
शहर में 18 किलोमीटर घुमेगी बुलेट रैली
बुलेट रैली शुभारम्भ के बाद सिंटेक्स गेट के सामने से खांदू कॉलोनी, बाहुबली कॉलोनी, कॉलेज रोड प्रताप सर्कल, हाउसिंग बोर्ड, गणेश दूध डेयरी, साजन-सजनी वाटिका मार्ग होते हुए रातीतलाई, उदयपुर रोड़, मोहन कॉलोनी, पोस्ट ऑफिस सर्कल, नई आबादी, पालारोड, पुलिस कन्ट्रोल रूम, कुशलबाग, गांधी मूर्ति, चंद्रपोल गेट, पीपली चौक, राम मंदिर, भोजापालिया, महालक्ष्मी चौक, सदर बाजार, आजाद चौक, सूरजपोल, वनेश्वर मंदिर होते हुए समाई माता पहाड़ी पर मंदिर पहुंचेगी। समाई माता मन्दिर में पूजा-अर्चना के साथ ही रैली का समापन होगा। 50 से अधिक बाईकर्स होंगे शामिल
बुलेट रैली में 50 से अधिक बाईकर्स शामिल होंगे। रैली में भाग लेने के लिए प्रतिभागियों का रजिस्ट्रेशन किया गया है। जिसमें अभी तक 30 से अधिक बाईकर्स ने अपनी सहमति दी है। प्रशासन की ओर से निर्धारित सीमा तक ही बाईकर्स रैली में भाग ले सकेंगे। 
व्यवस्थाओं के लिए प्रभारी अधिकारी नियुक्त
जिले को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए आयोजित हो रहे तीन दिवसीय अरथूना-माही महोत्सव को सफल बनाने के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं के लिए प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए गए है। 
जिला कलक्टर आशीष गुप्ता ने बताया कि संपूर्ण महोत्सव के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर हिम्मतसिंह बारहठ को नोडल अधिकारी बनाया गया है वहीं 6 जनवरी को होने वाली बाईक रैली के लिए प्रभारी यातायात पुलिस शहर बांसवाड़ा व जिला परिवहन अधिकारी बांसवाड़ा को प्रभारी बनाया गया है। इसी तरह 7 जनवरी को सूचना केन्द्र में आयोजित होने वाली प्रदर्शनी के लिए उपनिदेशक (जनसम्पर्क) व अरथूना मन्दिर परिसर में आयोजित होने वाली क्लासिकल नाईट के लिए गढ़ी व अरथूना विकास अधिकारी एवं पर्यटन अधिकारी को, 8 जनवरी को कूपड़ा तालाब पर पक्षी दर्शन के लिए उप वन संरक्षक, गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलसचिव व उपनिदेशक (जनसम्पर्क) को प्रभारी बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि 8 जनवरी शाम कागदी पिक-अप-वियर पर आयोजित होने वाले कागदी फेस्ट एवं संगीत संध्या के लिए बांसवाड़ा उपखण्ड अधिकारी को प्रभारी तथा माही के अधीक्षण अभियंता व जिला पर्यटन अधिकारी को सहायक प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा 9 जनवरी को महाराणा प्रताप सेतु (गेमन पुल) पर आयोजित बोट रेस के लिए छोटी सरवन विकास अधिकारी को प्रभारी एवं माही के अधीक्षण अभियंता, छोटीसरवन तहसीलदार, जिला पर्यटन अधिकारी, मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक को सहायक प्रभारी नियुक्त करते हुए संबंधित व्यवस्थओं के लिए तैयारियां प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। 

अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त संगीतकार पं.विश्वमोहन भट्ट
जो 7 जनवरी को अरथूना में प्रस्तुति देंगे।








Wednesday, January 2, 2019

अरथूना-माही महोत्सव की तैयारी बैठक संपन्न


कलक्टर ने अधिकारियों को दिए पुख्ता तैयारियों के निर्देश
बाँसवाड़ा, 2 जनवरी/ कला-संस्कृति और ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत के साथ नैसर्गिक सौंदर्यश्री को अपने आंचल में समाहित करने वाले बांसवाड़ा जिले को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए 7 से 9 जनवरी, 2019 तक आयोजित होने वाले अरथूना-माही महोत्सव की तैयारियों के संबंध में जिला कलक्टर आशीष गुप्ता ने जिले के प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों की बैठक ली और समन्वय स्थापित कर पुख्ता तैयारियों के निर्देश दिए। 
कलक्टर ने जिले की समृद्ध प्राकृतिक संपदा और विरासत को बेमिसाल बताया तथा कहा कि इसके पर्यटन दृष्टि से विकास की जरूरत है, ऐसे में अरथूना-माही महोत्सव इस विरासत को प्रमोशन देने का सशक्त माध्यम बने, इसके लिए प्रभावी प्रयास किए जावें। कलक्टर ने समस्त विभागीय अधिकारियों को दिए गए दायित्वों को पूरी गंभीरता से पूर्ण करने और इस आयोजन को सफल बनाने के लिए भी निर्देश दिए। 
जिला पर्यटन उन्नयन समिति के संरक्षक जगमालसिंह ने तीन दिवसीय विविध आयोजनों के बारे में जानकारी दी। समिति सदस्य शैलेन्द्र भट्ट ने महोत्सव के प्रमोशन के लिए एलईडी वेन तथा एलईडी विडियो वॉल का उपयोग करने का सुझाव दिया। बैठक में जिला परिषद के सीईओ डॉ. भंवरलाल, उप वन संरक्षक सुगनाराम जाट, उपखण्ड अधिकारी सुश्री पूजा पार्थ, जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलसचिव सोहनसिंह, माही एसई जितेन्द्र वर्मा, जिला परिवहन अधिकारी अभय मुद्गल, सहकारी बैक के एमडी अनिमेश पुरोहित, प्रहलाद शर्मा,सज्जनसिंह राठौड़ सहित समस्त संबंधित विभागीय अधिकारी व जिला पर्यटन उन्नयन समिति सदस्य मौजूद थे
एडीएम बारहठ को बनाया महोत्सव प्रभारी:
कलक्टर ने तीन दिवसीय महोत्सव के सफल आयोजन के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर हिम्मतसिंह बारहठ को प्रभारी अधिकारी नियुक्त करते हुए समस्त विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा। इस दौरान कलक्टर गुप्ताने 6 जनवरी की वातावरण निर्माण के लिए आयोजित बाईक रैली के रूट चार्ट की जानकारी लेते हुए इसमें ट्राफिक व्यवस्था की दृष्टि से पुलिस व परिवहन विभाग को व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने 8 जनवरी को कूपड़ा तालाब पर आयोजित होने वाले एक दिवसीय बांसवाड़ा बर्डफेस्टिवल के तहत लगाई जाने वाली प्रदर्शनी व बर्डवॉचिंग के लिए सफाई करवाने के लिए ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी को पाबंद किया। इसी प्रकार बर्डफेस्टिवल में एक हजार बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए।   
अरथूना के लिए लगेंगी दो बसें:
बैठक में कलक्टर गुप्ता ने 7 जनवरी की शाम दसवीं शताब्दी के पुरातात्विक महत्ता वाले स्थल अरथूना में आयोजित होने वाली शास्त्रीय संगीत निशा में जिला मुख्यालय के लोगों को जोड़ने की दृष्टि से पहल करते हुए शहर के लोगों को अरथूना पहुंचाने के लिए भामाशाहों के सहयोग से दो बसें लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस व्यवस्था के लिए शताब्दी वेलफेयर सोसायटी के मुजफ्फर अली को दायित्व भी दिया।  
शहर की शान कागदी पिक-अप-वियर पर होगी रोशनी:
कलक्टर ने शहरवासियों को स्थानीय नैसर्गिक संपदा और संस्कृति से जोड़ने की दृष्टि से कागदी पिक-अप-वियर का प्रमोशन करने की दृष्टि से 8 जनवरी की रात्रि होने वाले कागदी फेस्ट के तहत उद्यान पर आकर्षक रोशनी करने तथा यहां मुक्ताकाशी रंगमंच पर राजस्थानी लोक कलाकारों की प्रस्तुतियांे के निर्देश दिए। कलक्टर ने यहां सफाई करवाने, पार्किंग व्यवस्था के साथ ही अशोक स्तंभ पर सफेदी करवाने के लिए माही विभाग को निर्देश दिए।  
नौकायन स्पर्धा को रंगारंग करने के निर्देश:
कलक्टर ने 9 जनवरी को गेमन पुल पर होने वाली नौकायन स्पर्धा को रंगारंग आयोजित करने की दृष्टि से नौकाओं को आकर्षक ढंग से सजाने व सर्वश्रेष्ठ नौकाचालक तथा रंगारंग नौका को पुरस्कृत करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने यहां पर विविध व्यवस्थाओं के लिए छोटी सरवन के विकास अधिकारी, तहसीलदार के साथ मत्स्य व माही विभाग के अधिकारियों को प्रभारी नियुक्त किया। 
कुशलबाग की सांस्कृतिक निशा में होंगे लोकनृत्य: 
कलक्टर ने बताया कि अरथूना-माही महोत्सव का समापन कुशलबाग मैदान में 9 जनवरी की रात्रि को भव्य सांस्कृतिक निशा के माध्यम से होगा। उन्होंने इस आयोजन के लिए जिला परिषद सीईओ डॉं.भंवरलाल को प्रभारी नियुक्त करते हुए पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के लोक कलाकारों की व्यवस्थाओं के लिए पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए। 
अरथूना-माही फेस्टिवल की तैयारी बैठक को संबोधित करते जिला कलक्टर आशीष गुप्ता व मौजूद अधिकारी।








Tuesday, January 1, 2019

बांसवाड़ा में अरथूना-माही महोत्सव की धूम 7 जनवरी से

तीन दिनों तक बिखरेंगे लोक संस्कृति के रंग  

बाँसवाड़ा, 1 जनवरी/ कला-संस्कृति और ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत के साथ नैसर्गिक सौंदर्यश्री को अपने आंचल में समाहित करने वाले बांसवाड़ा जिले को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए आगामी 7 से 9 जनवरी, 2019 को अरथूना-माही महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। 
जिला कलक्टर आशीष गुप्ता ने बताया कि जनजाति क्षेत्रीय विकास, पर्यटन और वन विभाग के साथ-साथ गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय महोत्सव के ख्यातनाम शास्त्रीय और लोककलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से स्तरीय रंगारंग सांस्कृतिक आयोजन होंगे। इन महोत्सव  के भव्य व सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन और जिला पर्यटन उन्नयन समिति द्वारा तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं और संबंधित विभागों को इसके लिए अपेक्षित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। 
राज्यमंत्री बामनिया 7 जनवरी को करेंगे रंगारंग शुरूआत: 
जिला कलक्टर गुप्ता ने बताया कि जिले की नैसर्गिंक संपदा, कला, संस्कृति के सौंदर्य को देश-दुनिया तक पहुंचाने की दृष्टि से पहली बार डिजीटल फोटो व विडियो प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी सूचना केन्द्र में 7 जनवरी को शुरू होगी। प्रदेश के जनजाति क्षेत्रीय विकास (स्वतंत्र प्रभार), उद्योग एवं राजकीय उपक्रम विभाग के राज्यमंत्री श्री अर्जुनसिंह बामनिया के मुख्य आतिथ्य में इस प्रदर्शनी के शुभारंभ के साथ महोत्सव की शुरूआत होगी। प्रदर्शनी सुबह 11 बजे प्रारंभ होगी और इसमें जिले की नैसर्गिंक संपदा, प्राचीन शिल्पसौंदर्य और पर्यटन स्थलों के फोटो-विडियो को एलईडी टीवी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी तीन दिनों तक जनसामान्य के अवलोकन के लिए खुली रहेगी। 
कोणार्क फेस्टिवल की तर्ज पर होगा ‘अरथूना महोत्सव’: 
कलक्टर गुप्ता ने बताया कि महोत्सव के तहत 7 जनवरी की शाम दसवीं शताब्दी के पुरातात्विक महत्ता वाले जिले के सबसे महत्त्वपूर्ण और प्राचीन स्थल अरथूना में शास्त्रीय गीत-संगीत व नृत्यों की प्रस्तुतियां दी जाएगी। महोत्सव के दौरान अरथुना में रात्रि में कोणार्क फेस्टिवल की तर्ज पर प्राचीन मंदिरों पर विशेष रंगीन रोशनी की जाएगी तथा मंदिरों को आकर्षक तरीके से सजाया जाएगा। इन मंदिरों के आगे आकर्षक शास्त्रीय संगीत व नृत्यों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी, इसके लिए देश के ख्यातनाम शास्त्रीय कलाकारों से संपर्क किया जा रहा है।  
जीजीटीयू करवाएगा बांसवाड़ा बर्डफेस्टिवल:   
कलक्टर गुप्ता ने बताया कि 8 जनवरी को कूपड़ा तालाब पर आयोजित होने वाले एक दिवसीय बांसवाड़ा बर्डफेस्टिवल के आयोजन की जिम्मेदारी गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय को दी गई है। बर्ड फेस्टिवल के आयोजन में देश-प्रदेश के बर्डवॉचर्स, बर्ड एक्सपर्ट्स के साथ शहर के समस्त निजी व सरकारी स्कूलों के लगभग 1 हजार विद्यार्थियों को बर्डवॉचिंग कराई जाएगी। इस मौके पर पूर्व की भांति क्विज एवं पेंटिंग प्रतियोगिता, फेस (टेटू) पेंटिंग, बर्ड्स की फोटो एवं स्टाम्प प्रदर्शनी के साथ तितलियों के जीवनचक्र की लाईव प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा।  
कागदी पिक-अप-वियर का होगा प्रमोशन: 
कलक्टर ने बताया कि शहरवासियों को स्थानीय नैसर्गिक संपदा और संस्कृति से जोड़ने की दृष्टि से कागदी पिक-अप-वियर का प्रमोशन किया जा रहा है। इस बार फेस्टिवल के तहत 8 जनवरी की रात्रि इस आकर्षक उद्यान पर आकर्षक रोशनी की जाएगी तथा यहां पर मुक्ताकाशी रंगमंच स्थापित करते हुए लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। 
ये आयोजन भी होंगे: 
कलक्टर ने बताया कि महोत्सव के प्रति वातावरण निर्माण के लिए 6 जनवरी को शहर में एक बाईक रैली का आयोजन किया जाएगा वहीं 9 जनवरी को गेमन पुल पर नौकायन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा इसमें नौकाओं को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा और सर्वश्रेष्ठ नोकाचालक तथा रंगारंग नौका को पुरस्कृत भी किया जाएगा।  
भव्य सांस्कृतिक निशा से होगा समापन: 
कलक्टर ने बताया कि अरथूना-माही महोत्सव का समापन कुशलबाग मैदान में 9 जनवरी की रात्रि को भव्य सांस्कृतिक निशा के माध्यम से होगा। इसमें देश-प्रदेश के ख्यातनाम लोक कलाकारों के साथ वागड़ में होली के प्रतिनिधि गैर नृत्य की प्रस्तुतियां लोगों का मन मोह लेंगी। इस आयोजन में रंगीन रोशनी विशेष आकर्षण का केन्द्र रहेगी। इस समस्त आयोजनों के लिए कलक्टर ने 2 जनवरी को जिले के संबंधित विभागीय अधिकारियों की बैठक आहूत की है। 
अरथूना-माही फेस्टिवल का लोगो








Saturday, December 29, 2018

वागड़ के पुराने शिल्प-स्थापत्य से रूबरू हुए नए कलेक्टर

समृद्ध इतिहास व शिल्प वैभव को विश्वमानचित्र पर स्थापित करने की जरूरत बताई
कलक्टर ने कहा - राजस्थान का हम्पी है अर्थूना
बांसवाड़ा, 29 दिसम्बर/ क्षेत्रीय भ्रमण पर निकले जिला कलक्टर आशीष गुप्ता ने शनिवार को जिले में दसवीं शताब्दी के परमारकालीन शिल्प-स्थापत्य को अपने आंचल में समाहित करने वाले अर्थूना मंदिर समूह को देखा और इसके शिल्प-वैशिष्ट्य की सराहना करते हुए इसे कर्नाटक में स्थित यूनेस्को की वर्डहेरिटेज हंपी जैसा बताया और कहा कि विश्वास ही नहीं होता कि इस प्रकार का समृद्ध शिल्प वैभव बाँसवाड़ा में विद्यमान है। 
आज दोपहर यहां पहुंचे कलक्टर ने सर्वप्रथम हनुमान मंदिर परिसर को देखा तथा इसके बाद वे प्राचीनता शिव पंचायतन मंदिर पहुंचे। उन्होंने यहा शिवालय के गर्भगृह में स्थित शिवविग्रह के दर्शन किए और शिवालय के प्रस्तर शिल्प-सौंदर्य की सराहना की। उन्होंने इसे इस अंचल की अमूल्य धरोहर बताया। कलक्टर ने मंदिर परिसर और जहां-तहा पड़े मूल्यवान शिल्पाकृतियों का सुव्यवस्थित तरीके से किसी संग्रहालय में स्थापित करवाने की अपनी मंशा भी जाहिर की और कहा कि इस बारे में पुरातत्व विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया जाएगा। इस दौरान उन्हें पर्यटन उन्नयन समिति संरक्षक जगमालसिंह व ग्रामीणों ने यहां पर मंदिर समूह के स्थापित होने की किंवदंती के बारे में भी बताया गया। कलक्टर ने यहां म्यूज़ियम को भी देखा और इसमें सुरक्षित रखे शिल्पाकृतियों को बेशकिमती बताया।  
कलक्टर ने यहां मंदिर के पीछे स्थित तालाब में सारस क्रेन के एक जोड़े को देखकर भी प्रसन्नता जताई। उन्होंने इस तालाब के भी संरक्षण की बात कही तथा कहा कि अर्थूना मंदिर समूहों तक पर्यटकों को लाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।  
अरथूना महोत्सव की व्यवस्थाओं पर भी हुई चर्चा:
कलक्टर ने इस दौरान अरथूना फेस्टिवल के तहत होने वाले कार्यक्रमों के बारे में भी पर्यटन उन्नयन समिति संरक्षक जगमालसिंह व नितीन समाधिया से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस बार भी पूरे उत्साह के साथ यह महोत्सव आयोजित किया जाएगा।  इस मौके पर डीएफ़ओ सुगनाराम जाट, एसडीओ प्रभुदयाल शर्मा, विकास अधिकारी राजेश कुमार वर्मा भी मौजूद थे।

अरथूना मंदिर समूह का निरीक्षण करते कलक्टर आशीष गुप्ता।











जिले की प्राकृतिक व सांस्कृतिक संपदा देख अभिभूत हुए कलक्टर

: नए कलक्टर का जिले का पहला दौरा :
कहा- विश्वास ही नहीं होता कि ये भी है बाँसवाड़ा
बांसवाड़ा, 29 दिसम्बर/नवपदस्थापन स्थान बांसवाड़ा में कार्यभार ग्रहण करने के बाद जिला कलक्टर आशीष गुप्ता शनिवार को अवकाश के दिन क्षेत्रीय भ्रमण पर निकले और इस दौरान बांसवाड़ा से लेकर अरथूना तक का सघन दौरा कर जिले में सरकारी व्यवस्थाओं के साथ प्राकृतिक व सांस्कृतिक स्थलों का जायजा लिया। 
लोधा तालाब को देख जताई चिंता, जलकुंभी का निकालेंगे स्थायी समाधान: 
आज अल सुबह ही क्षेत्रीय भ्रमण पर निकले कलक्टर गुप्ता ने लोधा तालाब को देखा और इसकी दुर्दशा को देख चिंता जताई। उन्होंने तालाब के किनारों पर पसरी गंदगी और पानी से लबालब भरे पूरे तालाब में जलकुंभी का साम्राज्य देखकर विचलित हो उठे। उप वन संरक्षक सुगनाराम जाट और जिला पर्यटन उन्नयन समिति संरक्षक जगमालसिंह ने तालाब में पूर्व वर्षों में करवाई गई सफाई के निरंतर नहीं होने से इसमें पुनः जलकुंभी के पनप जाने के तथ्य को भी बताया। कलक्टर ने कहा कि सड़क किनारे स्थित ऐसे जैव विविधता समृद्ध तालाबों की सफाई जरूरी है। उन्होंने जलकुंभी के स्थाई इलाज करवाने की भी बात कही और कहा कि जलकुंभी के हेण्डीक्राफ्ट  या बेत फर्नीचर निर्माण में उपयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी तथा इसके लिए जिला उद्योग केन्द्र, राजीविका मिशन इत्यादि विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। 
बर्डफेयर साईट पर पहुंचे कलक्टर, कहा-इतने सुंदर पक्षी तो आज तक नहीं देखे: 
लोधा तालाब के निरीक्षण उपरांत जिला कलक्टर गुप्ता ने कूपड़ा तालाब स्थित बर्डफेयर साईट का निरीक्षण किया। उन्होंने साफ-सुथरे पानी में हजारों की संख्या में स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की उपस्थिति को देखकर ख़ुशी जताई। कलक्टर स्वयं ने बायनोकूलर की सहायता से शॉवलर, स्पॉट बिल डक, पोचार्ड, जैकाना, परपल मुरहैन आदि पक्षियों को देखा और इनके रंगों के सौंदर्य को देख अभिभूत हो उठे। उन्होंने कहा कि उन्होंने पक्षियों के इतने सुंदर रंग कभी नहीं देखे। कलक्टर ने यहां पर प्रस्तावित बांसवाड़ा बर्ड फेस्टिवल के बारे में फेस्टिवल संयोजक व जनसंपर्क उपनिदेशक कमलेश शर्मा से तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने ग्राम पंचायत के माध्यम से बर्डफेयर साईट की व्यापक सफाई के निर्देश दिए तथा कहा कि पक्षियों की अनुकूलता को देखते हुए तालाब में पानी की प्रचुर मात्रा हमेशा मौजूद रहे यह सुनिश्चित किया जावे। कलक्टर ने इस बार भव्य तरीक़े से हो बर्डफेयर के आयोजन के निर्देश देते हुए कहा कि वे जल्द ही इस तालाब का दोबारा निरीक्षण करेंगे। इस दौरान उप वन संरक्षक सुगनाराम जाट ने कूपड़ा तालाब सहित जिले के 16 जलाशयों पर 5 जनवरी से प्रारंभ हो रही जलीय पक्षीगणना के बारे में जानकारी दी तो उत्साहित कलक्टर ने स्वयं इस पक्षीगणना दौरान उपस्थित रहने की बात कही। इस दौरान कलक्टर ने पर्यटन उन्नयन समिति संरक्षक जगमालसिंह, वाइल्डलाइफ़ फ़ोटोग्राफ़र भरत कंसारा और न्यू लुक कॉलेज के सुशील सोमपुरा से बर्डफेस्टिवल की गतिविधियों और इसमें ग्रामीणों व संस्थाओं की सहभागिता के बारे में जानकारी ली।
जिला कलक्टर आशीष गुप्ता शनिवार को लोधा तालाब का निरीक्षण करते हुए।



बर्डफेयर साईट कूपड़ा तालाब पर बर्डवॉचिंग करते जिला कलक्टर आशीष गुप्ता।